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Vice-Chancellor

जीवन-परिचय :प्रो राजेंद्र प्रसाद


वर्तमान पदस्थिति:


कुलपति, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बिहार
सरकारी पता: बोधगया, पिन-824232, बिहार

आवासीय पता: कुलपति निवास, परमानंद पथ, डी.एम.निवास के समीप, गया, बिहार
ई-मेल: [email protected];

जन्म तिथि: 1 जनवरी 1955
जन्म स्थान: टँडवा माफी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

 

प्रशासनिक अनुभव:


•कुलपति, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया( 27सितंबर 2019 से अबतक)।
संस्थापक कुलपति, प्रो राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय (इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय), प्रयागराज( 17 जून, 2016 से 25 जून 2019 तक)।
• कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर (जनवरी 2014 से 12 फरवरी 2014 और 9 अक्टूबर 2015 से 01 नवंबर, 2015 तक)।
• ओ.एस.डी, प्रो राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय (पूर्वनाम- इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय), प्रयागराज यूपी सितंबर 2015 से 16 जून 2016 तक।
• वरिष्ठतम प्रोफेसर के रूप में प्रभारी कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अल्पकालिक योगदान: सत्र 2011,2012, 2013, 2014, 2015 और 2016 ।
• 6 जनवरी, 2010 से 5 जनवरी 2013 तक डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के डीन के रूप में कार्य किया।
• अधिष्ठाता, विज्ञान संकाय के रूप में प्रो. राजेन्द्र प्रसाद ने संस्थागत निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करते हुए 2012 में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (आई.आई.एफ.), नई दिल्ली के तत्कालीन निदेशक और वर्तमान में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल के बीच सम्पन्न एम.ओ.यू पर हस्ताक्षर किया है ।
• वरिष्ठतम प्रोफेसर के रूप में , विज्ञान संकाय के डीन के रूप में भी डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय के कार्य परिषद के सदस्य रहे ।
• 9 सितंबर, 2012 से 5 जनवरी 2013 तक डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी के रूप में कार्य किया और विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
• 24 दिसंबर 1990 से 4 जुलाई, 2008 तक लगभग 18 वर्षों तक रक्षा और सामरिक अध्ययन विभाग, डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रमुख के रूप में कार्य किया।
• डीन (विज्ञान संकाय ) होने पर, निम्नलिखित विभागों के प्रभारी/ प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कार्य किया:
जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी, औद्योगिक रसायन विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर विज्ञान और गृह विज्ञान ।
• डी.डी.यू गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता और विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया: (17 मई, 2008 से 20 फरवरी 2009 तक), (8 मार्च 2005-10 नवंबर 2006 तक) और (2 जनवरी 1997 से जून 14, 2000 तक)।
• यू.जी.सी विनियम-2010 के अनुरूप गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षकों की न्यूनतम अर्हता के लिए संविधियों के लिए मसौदा समिति के संयोजक के रूप में कार्य किया।
• यू.जी.सी. रेगुलेशन-2009 के अनुसार डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय के पी-एच.डी. ऑर्डिनेंस के लिए ड्राफ्ट कमेटी के संयोजक के रूप में कार्य किया।
• डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय की 10वीं पंचवर्षीय विकास योजना के प्रस्ताव तैयार करने के लिए पैनल में कार्य किया।
• 22 से 25 फरवरी, 2005 तक नैक पीयर टीम के दौरे के दौरान नैक संचालन समिति के समन्वयक के रूप में कार्य किया, जिसने डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय को ग्रेड
B++ प्रदान किया।
• 2003 से जुलाई 2007 तक कार्य अधीक्षक (So W)
• 1981-82 के दौरान एथलेटिक एसोसिएशन, गोरखपुर विश्वविद्यालय की हैंडबॉल टीम के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया ।
• 39 वर्षों तक डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रशासनिक और विकास समितियों में सक्रिय सदस्य।

 

सेवा और शिक्षण अनुभव:


• स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर (दिसंबर 1976 से 15 जून, 2016 तक) में चालीस वर्ष (40) वर्ष से अधिक का शिक्षण अनुभव:
जिसमें
• प्रोफेसर, रक्षा और सामरिक अध्ययन विभाग (DDSS), गोरखपुर विश्वविद्यालय 03 दिसंबर 1997 से 30 जून 2017 (18 वर्ष से अधिक) तक;
• रीडर, रक्षा और सामरिक अध्ययन विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय (29 सितंबर 1987 से दिसंबर 1997 तक);
• व्याख्याता(Lecturer), रक्षा और सामरिक अध्ययन विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय (29 सितंबर, 1980 से 28 सितंबर 1987 तक);
• लेक्चरर, मिलिट्री स्टडीज विभाग, राजबलवंत सिंह (आरबीएस) कॉलेज, आगरा विश्वविद्यालय (6 दिसंबर,1976 से 28 सितंबर, 1980 तक) ।

 

शोध अनुभव:


• सक्रिय रूप से पिछले 42 वर्षों से अधिक समय से अनुसंधान कार्य में संलग्न रहे हैं।
• विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र: विज्ञान, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आईआर, शस्त्र नियंत्रण और निरस्त्रीकरण तथा सामरिक अध्ययन, आपदा प्रबंधन के संबंधित क्षेत्र ।

 

शोध निर्देशन और पी-एच.डी. धारक:


• प्रो. प्रसाद के निर्देशन में पी-एच.डी. उपाधिप्राप्त छात्रों की संख्या और डिग्री से सम्मानित: सत्ताइस (27) ।
• प्रमुख अनुसंधान परियोजनाएं: पूर्ण: 03

 

अकादमिक निकायों की सदस्यता:


. 2021में बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद द्वारा गठित 'Quality Assurance Committee'के अध्यक्ष ।
. मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति के रूप में विभिन्न विधायी निकायों के अध्यक्ष ( सितंबर 2019 से अबतक)।
.प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज में कुलपति के रूप में विभिन्न विधायी निकायों के अध्यक्ष( 16 जून 2016 से 25 जून 2019 तक)।
• डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सम्मानित सदस्य 3 बार; पिछले 44 वर्षों में अकादमिक परिषद, अध्ययन बोर्ड और शोध उपाधि समिति के सदस्य के रूप में योगदान ।
भारत में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम में स्थित विभिन्न विश्वविद्यालयों में बोर्ड ऑफ स्टडीज/रिसर्च डिग्री कमेटियों/चयन समितियों के विशेषज्ञ सदस्य के रूप में योगदान।
• राष्ट्रीय अध्यक्ष, 12वीं नेशनल कांग्रेस फॉर डिफेंस स्टडीज (एनसीडीएस), 1997-98
• उपाध्यक्ष, नेशनल कांग्रेस फॉर डिफेंस स्टडीज (एनसीडीएस): 1993-94, 1994-95 और 1995-96 ।
•आजीवन सदस्य, नेशनल कांग्रेस फॉर डिफेंस स्टडीज (एनसीडीएस), इलाहाबाद।
• आजीवन सदस्य, इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एनवायरमेंटल बॉटनिस्ट, लखनऊ।
• अनेक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक और सांस्कृतिक संस्थानों के सदस्य ।


प्रकाशन:


• कुल रचित/संपादित पुस्तकों की संख्या: उन्नीस (19)
• 3 काव्य संग्रह प्रकाशित: 1.समर शेष है (2017,2018) ,
2. जिंदगी तेरे कितने रूप(2020) , और
3. कोरोनायन (2020)।
• विदेशी और भारतीय पुस्तकों में रक्षा विषयक योगदान दिया: तीस (30) अध्याय।
• राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में पूर्ण शोध पत्र: सौ (100) से अधिक।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों/साप्ताहिक समाचार पत्रों में विविध विषयों पर निरंतर लेखन।

अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों/संगोष्ठियों में अनुसंधान और भागीदारी/आमंत्रित वार्ताओं के लिए विदेशी परिभ्रमण:
• चीन (2019), फ्रांस (2013), इटली (2009), ऑस्ट्रिया (2007), संयुक्त राज्य अमेरिका (1996, 1999), यूनाइटेड किंगडम (2005), ऑस्ट्रेलिया (1986), फिजी द्वीप समूह (1986), और थाईलैंड (1986) में अकादमिक पारस्परिकता और अनुसंधान के लिए योगदान।
• इसके अलावा उक्त देशों में आयोजित अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों/सेमिनारों में आमंत्रित व्याख्यान दिया ।

 

संगठनात्मक दक्षता /क्षमता:


• दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 30 राष्ट्रीय सेमिनारों, 6 यू.जी.सी प्रायोजित रिफ्रेशर पाठ्यक्रमों का आयोजन किया; और उद्घाटन/समापन सत्रों में मुख्य वक्ता/अध्यक्ष के रूप में व्याख्यान सहित १०० से अधिक राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों, सम्मेलनों और कार्यशालाओं में भाग लिया ।

.प्रो राजेन्द्र सिंह विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति के रूप में 'दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ' की स्थापना एवं अनेक राष्ट्रीय गोष्ठियों का आयोजन और अध्यक्षीय व्याख्यान।
.मगध विश्वविद्यालय बोधगया के कुलपति के रूप में कोरोनाकाल में 65 वेबगोष्ठियों का आयोजन और अध्यक्षीय व्याख्यान।

 

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र,सम्मान और उपलब्धियां:


• निम्नलिखित उल्लेखनीय सम्मान और पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता:
• संयुक्त राष्ट्र छात्रवृत्ति (न्यूयॉर्क, 1996);
• साल्ज़बर्ग ग्लोबल सेमिनार फैलोशिप (ऑस्ट्रिया, 2007);
• ऑक्सफोर्ड राउंड-टेबल (ऑक्सफोर्ड, यूके, 2005);
• इसोडार्को फैलोशिप, इटली (2009);
• रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार का द्वितीय पुरस्कार (1990) से विभूषित। तत्कालीन राज्य रक्षा मंत्री और भारत के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक डॉ राजा रमन्ना द्वारा सम्मानित;
• राजीव गांधी शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार (2012);
• इंदिरा गांधी शिक्षाशिरोमणि पुरस्कार (2012);
•ICSSR-MSH विजिटिंग प्रोफेसर फेलोशिप (फ्रांस, 2013);
• 12वें अधिवेशन, नेशनल कांग्रेस फॉर डिफेंस स्टडीज (एनसीडीएस, 1997-98) के राष्ट्रीय अध्यक्ष।
• दक्षिण-पूर्व एशियाई और प्रशांत अध्ययन केंद्र, श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति, भारत (26 जुलाई 2017) द्वारा प्रदत्त 'सी.एस.ई.ए.पी. लाइफ-टाइम अचीवमेंट पुरस्कार'।
• कुलपति के.एम. मुंशी पुरस्कार, 2016।
• सोसायटी ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड रूरल डेवलपमेंट, इलाहाबाद (10 नवंबर 2017) द्वारा प्रदत्त लाइफ-टाइम अचीवमेंट अवार्ड।
• “प्राज्ञ पुरुष-प्रो राजेन्द्र प्रसाद” नामक अभिनंदन ग्रंथ(610 पृष्ठ), प्रो राजेंद्र प्रसाद के सम्मान में प्रकाशित किया गया है, जिसमें 116 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विद्वानों ने प्रो. प्रसाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर लिखा है, जिसमें प्रो .प्रसाद के अंतर-अनुशासनात्मक और अनुसंधानपरक (प्रकाशक: जी.बी. बुक्स, नई दिल्ली, 2018) डोमेन, रेंज और स्कोप में योगदान के बारे में विस्तृत वर्णन है।
• इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स फॉर वर्ल्ड पीस की सिफारिश पर ( विश्व शिक्षक दिवस , 5 अक्टूबर 2018 के अवसर पर) बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ऑफ एजुकेशनल स्टैण्डर्ड एंड टेस्टिंग काउंसिल ऑफ इंडिया, नेशनल इंस्टीयूट ऑफ क्लीनलीनेस एजुकेशन एंड रिसर्च ऐंड इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकॉलजी एंड एन्वाइरन्मेंट के द्वारा संयुक्त रूप से 'लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड ' से सम्मानित किया गया।

.विश्व हिन्दी ज्योति, कैलीफोर्निया,अमेरिका द्वारा सम्मान(2019)।
.हिन्दी कल्चर सेंटर , जापान से हिन्दी सेवा के लिये सम्मान (2021)।
.महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट (एम जी आई) , माॅरीशस की पत्रिका "रिमझिम" को प्रदत्त साक्षात्कार प्रकाशित ( अंक 73, वर्ष 2021)।
.श्रीलंका , कैंडी से हिन्दी सेवा के लिये सम्मान ( 2021)।
.विश्व हिन्दी परिषद् , दिल्ली से हिन्दी सेवा के लिये सम्मान(2021)।